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रविवार, मार्च 10, 2019

अतीत के पन्नों में झाँकती कहानियाँ

कहानी-संग्रह - इंतज़ार अतीत के पन्नों से
लेखिका - मालती मिश्रा
प्रकाशन - समदर्शी प्रकाशन, भिवानी
पृष्ठ - 146
कीमत - 175/-
अतीत के पन्नों में झाँकते हुए मालती मिश्रा ने जिन कहानियों की रचना की है, उनका संकलन है "इंतज़ार अतीत के पन्नों से" । इस संकलन में तेरह कहानियाँ है, जो ज्यादातर सामाजिक ही हैं । प्रेम कहानियाँ भी हैं, लेकिन प्रेम की सहज स्वीकृति नहीं है । ज्यादातर पात्र माँ-बाप की मर्जी के ख़िलाफ़ जाकर विवाह करते हैं । माँ-बाप की मर्जी के ख़िलाफ़ जाकर विवाह करने का लड़कियों के जीवन पर प्रभाव दिखाना भी लेखिका का उद्देश्य रहा है । गलतफहमियों का प्रभाव भी दिखाया गया है और अतीत और वर्तमान की तुलना भी है ।

बुधवार, मार्च 06, 2019

किताब प्रेमी की नज़र में "कवच"

कहानी-संग्रह - कवच
कहानीकार - दिलबागसिंह विर्क
समीक्षक - किताब प्रेमी
प्रकाशक - अंजुमन प्रकाशन, प्रयागराज
पृष्ठ - 152
कीमत - 150/- 
पुस्तक प्राप्ति स्थान - amazon
दिलबागसिंह विर्क द्वारा लिखी कवच नामक क़िताब में आपको 21 कहानियों का संग्रह मिलेगा। इस किताब में हमारी असल जिंदगी पर आधारित कहानियों का संकलन है। किताब पढ़ते वक़्त आपको यह महसूस होगा कि इन कहानियों को तो मैं रोज़ अपने आस-पास घटित होते हुए देखता हूँ।

बुधवार, फ़रवरी 27, 2019

मीनाक्षी सिंह भारद्वाज जी की नज़र में 'कवच'

कहानी-संग्रह - कवच
कहानीकार - दिलबागसिंह विर्क
समीक्षक - मीनाक्षी सिंह भारद्वाज
प्रकाशन - अंजुमन प्रकाशन, प्रयागराज
पृष्ठ - 152
कीमत - 150/ ( पेपरबैक )
पुस्तक प्राप्ति का स्थान - amazon
इक्कीस कहानियों का संग्रह है कवच, जिसकी काफी सारी कहानियाँ पुरस्कृत हो चुकी है। लेखक दिलबागसिंह विर्क लिखित इस संग्रह की तकरीबन हर कहानी को पढ़ते हुए हमें यह महसूस हुआ कि इसके पात्र किसी न रूप में हमसे जुड़े हुए हैं।

बुधवार, जनवरी 30, 2019

समाज का यथार्थ चित्रण करता अनूठा कविता-संग्रह


कविता-संग्रह – दशरथ है वनवास ने
कवि – गौतम इलाहाबादी
प्रकाशक – अमृत बुक्स
कीमत – 250 /-
पृष्ठ – 96 ( सजिल्द )
गौतम इलाहाबादी द्वारा रचित “ दशरथ है वनवास में ” शिल्प के दृष्टिकोण से भले ही दोहा-संग्रह लगता हो, लेकिन है यह कविता-संग्रह ही | कवि ने भी इसे कविता-संग्रह ही कहा है, क्योंकि दस-दस दोहों को 39 शीर्षकों के अंतर्गत रखा गया है | दोहे मुक्तक होते हैं, लेकिन इस संग्रह में बहुधा दोहे तब तक समझ नहीं आते, जब तक कविता के शीर्षक को ध्यान में न रखा जाए | यथा –
करता मेहनत सर्वदा, कभी न माँगे भीख
हो सके तो आप भी, लेवें उससे सीख | ( पृ – 34 )

बुधवार, जनवरी 23, 2019

कवच - पाठकों की नज़र में

कहानी-संग्रह - कवच
लेखक - दिलबाग सिंह विर्क
प्रकाशक - अंजुम प्रकाशन
संस्करण - प्रथम, जनवरी 2019
पृष्ठ - 152
मूल्य - 150 /- ( पेपरबैक )
पुस्तक प्राप्ति का स्थान - Amazon

मंगलवार, जनवरी 08, 2019

बालमन के विविध पहलुओं को उद्घाटित करता लघुकथा-संग्रह


लघुकथा-संग्रह - हरियाणा की बल लघुकथाएँ 
संपादक - डॉ. राजकुमार निजात 
प्रकाशक - एस.एन.पब्लिकेशन
पृष्ठ - 176  
कीमत - 550 / - ( सजिल्द )
बच्चों को ईश्वर का रूप कहा जाता है, क्योंकि वे बड़े भोले और साफ़-दिल होते हैं | बालमन को समझने के लिए बड़ी पारखी नजर की जरूरत होती है | “ हरियाणा की बाल-लघुकथा ” एक ऐसा लघुकथा-संग्रह है, जिसमें एक-दो नहीं, अपितु ऐसे बाईस पारखी लघुकथाकार शामिल हैं, जिन्होंने बालमन का बड़ी बारीकी से विश्लेषण किया है और बड़ी सटीकता से इसको ब्यान किया है | इन लघुकथाकारों का संबंध भले ही हरियाणा से है, लेकिन इनकी ख्याति वहां तक फैली हुई है, जहाँ तक लघुकथा की ख्याति है | इन लब्धप्रतिष्ठ लघुकथाकारों को एक विषय पर एक साथ लाने का महत्ती कार्य किया है राजकुमार निजात जी ने | 

रविवार, नवंबर 11, 2018

दिव्यांगों के जीवट को दिखाती हुई लघुकथाएँ

पुस्तक - हौसले की लघुकथाएँ
संपादक – राजकुमार निजात 
प्रकाशन – धर्मदीप प्रकाशन 
पृष्ठ - 144
कीमत – 450 /- ( सजिल्द ) 
साहित्य का उद्देश्य है, कि वह दबे-कुचलों की आवाज बने | सामान्यत: दिव्यांग-जन समाज की उपेक्षा का शिकार होते आए हैं | ऐसे में साहित्यकार का कर्त्तव्य है, कि वह उनको साहित्य का विषय बनाकर उनकी स्थिति में सुधार लाने का प्रयास करे | ऐसा ही प्रयास किया है, डॉ. राजकुमार निजात ने संपादित कृति “हौसलों की लघुकथाएं” द्वारा | यह कृति तीन भागों में विभक्त है | पहले भाग में आलेख हैं, दूसरे भाग में लघुकथाएँ हैं और तीसरे भाग में लघुकथाकारों का परिचय दिया गया है |

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