लेखक - निखिल सचान
प्रकाशक - हिन्द-युग्म
पृष्ठ - 165
कीमत - ₹120/-
कहानी-संग्रह 'नमक स्वादानुसार' का पहला संस्करण 2013 में हिन्द-युग्म, दिल्ली से प्रकाशित हुआ और यह निखिल सचान का पहला कहानी-संग्रह है। इसके कई संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं, जो इसकी लोकप्रियता का सूचक है। हिन्द-युग्म नई हिंदी आंदोलन का ध्वजवाहक है और इसके अंतर्गत इसके अनेक लेखक हिंदी साहित्य में नामी लेखक का खिताब लिए हुए हैं, लेकिन जिस नई हिंदी की वकालत की जा रही है, उसे स्वीकार किया जाना चाहिए या नहीं, यह पाठक को तय करना है। नई हिंदी का एक प्रयोग तो रोमन लिपि का प्रयोग है, जो देवनागरी लिपि के लिए खतरा कहा जा सकता है और दूसरा प्रयोग है गालियों की भरमार। इस संग्रह में रोमन लिपि का प्रयोग भी हुआ है, और अशिष्ट भाषा का भरपूर प्रयोग भी, हालांकि रोमन लिपि का प्रयोग एक विशेष पात्र को प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण से स्वीकार किया जा सकता है, फिर भी वह हिंदी के सामान्य पाठक के काम का नहीं।

