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बुधवार, अप्रैल 22, 2020

जीवन अनुभवों से निकले मोतियों का संग्रह

सूक्ति-संग्रह - मनोहर सूक्तियाँ
सूक्तिकार - हीरो वाधवानी
प्रकाशन - के.बी.एस. प्रकाशन, दिल्ली
कीमत - ₹450/-
पृष्ठ - 240 ( सजिल्द )
हीरो वाधवानी एक प्रसिद्ध सूक्तिकार हैं। "मनोहर सूक्तियाँ" उनका तीसरा सूक्ति संग्रह है, जो के.बी.एस. प्रकाशन, दिल्ली से प्रकाशित है। इस संग्रह के दो भाग हैं। प्रथम भाग में सूक्तियाँ हैं और दूसरे भाग में हीरी वाधवानी के पूर्व प्रकाशित सूक्ति-संग्रहों पर की गई विभिन्न विद्वानों की समीक्षा को रखा गया। पुस्तक के अन्त में प्रकाशक का महत्त्वपूर्ण वक्तव्य है। प्रकाशक सूक्तियों को सिद्ध-सूत्र कहते हुए लिखते हैं -
"सूक्तियाँ अर्थात ऐसे सिद्ध सूत्र जो जीवन को जीने और सफल बनाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यह कल्पना के आधार पर रची/कही कविता या कहानी से बिलकुल भिन्न जीवन के अनुभवों से प्राप्त ज्ञान का पिटारा होते हैं, जो बहुत ही मुश्किल से प्राप्त होते हैं।" (पृ. - 239 )

बुधवार, फ़रवरी 14, 2018

जीवन में सकारात्मकता का संदेश देता संग्रह

पुस्तक - सकारात्मक अर्थपूर्ण सूक्तियाँ
लेखक - हीरो वाधवानी 
प्रकाशन - अयन प्रकाशन
पृष्ठ- 168 
कीमत - 300 /- ( सजिल्द ) 
ज़िन्दगी जीना एक कला है । रो-रो कर वक्त व्यतीत तो किया जा सकता है, ज़िन्दगी जी नहीं जा सकती । ज़िन्दगी को जीने के लिए सकारात्मक नजरिये का होना बेहद जरूरी है । सकारात्मक नजरिये को विकसित करने के दृष्टिकोण से हीरो वाधवानी की पुस्तक " सकारात्मक अर्थपूर्ण सूक्तियां " एक महत्त्वपूर्ण कृति है । इस कृति में लेखक ने ऐसी सूक्तियाँ रखी हैं जिनको पढ़कर व्यक्ति की जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है | 

बुधवार, जनवरी 03, 2018

जीवन दर्शन को ब्यान करने का सफल प्रयास

सूक्ति-संग्रह - सूक्तियाँ मेरा अनुभव संसार 
लेखक - निजात 
प्रकाशक - एस. एन. पब्लिकेशन, नई दिल्ली 
पृष्ठ - 168 
कीमत - 450 ( सजिल्द )
एक साहित्यकार अपने अनुभव के बल पर अपने साहित्य में अनेक ऐसी पंक्तियाँ लिखता है, जो अपने आप में पूरी रचना होती हैं और जीवन-दर्शन का निचोड़ होने के कारण वे मार्गदर्शक की भूमिका निभाती हैं, लेकिन ऐसी उक्तियों को साहित्य में ढूँढने के लिए पाठक के पास भी उच्चकोटि की समझ होनी चाहिए | ' निजात ' जी ने " सूक्तियाँ मेरा अनुभव संसार " में सीधे-सीधे सूक्तियाँ लिखकर पाठक का काम आसान कर दिया है | इस संग्रह में 2200 सूक्तियाँ हैं जो 27 विषयों में विभक्त हैं | निस्संदेह, यह लेखक के विशाल अनुभव का परिणाम है | उसने जीवन को जैसा देखा, जैसा समझा उसे सार रूप में कहा है ताकि आम पाठक उसे समझ सके, अपना सके |

बुधवार, अक्टूबर 05, 2016

नैतिकता का पाठ पढ़ाता अनूठा संग्रह

पुस्तक - प्रेरक, अर्थपूर्ण कथन एवं सूक्तियाँ 
लेखक - हीरो वाधवानी 
प्रकाशन - राघव पब्लिशर्स 
पृष्ठ - 144 ( पेपरबैक )
कीमत - 300 / - 
सोचना हर आदमी का स्वभाव है | ज्ञान और अनुभव से आदमी विचारशील बनता है | जीवन क्या है, यह कैसा होना चाहिए, इसका लक्ष्य क्या है, जैसे सवाल हर विचारवान व्यक्ति के मस्तिष्क में उथल-पुथल अवश्य मचाते हैं | धर्म, मानवता, समाज को लेकर भी व्यक्ति सोचता है  | कुछ लोग इसकी चर्चा अपने साथियों से कर लेते हैं तो कुछ इनकी अभिव्यक्ति के लिए साहित्यिक विधाओं का सहारा लेते हैं | हीरो वाधवानी ने अपने विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए सूक्तियों का सहारा लिया है | महापुरुषों के कथन, जैसे विदुर, चाणक्य, महात्मा गांधी के विचार हमने अक्सर इस रूप में पढ़े हैं लेकिन सामान्यत: कोई लेखक इस रूप में अपने विचार कम ही प्रकाशित करता है | हीरो वाधवानी की पुस्तक " प्रेरक, अर्थपूर्ण कथन एवं सूक्तियां " इस दृष्टिकोण से अनूठा संग्रह है |

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