BE PROUD TO BE AN INDIAN

शुक्रवार, मार्च 16, 2018

आज के दौर का सच कहती लम्बी कहानियों का संग्रह

कहानी-संग्रह - मुझे तुम्हारे जाने से नफ़रत है 
लेखिका - प्रियंका ओम 
प्रकाशक - रेडग्रेब बुक्स 
पृष्ठ - 184 
कीमत - 175/- ( पेपर बैक )
सिर्फ पाँच कहानियों का संग्रह है " मुझे तुम्हारे जाने से नफ़रत है " | पुस्तक में 184 पृष्ठ हैं और कहानियाँ पाँच तो स्पष्ट है कि कहानियाँ लम्बी हैं | अंतिम कहानी अन्यों की अपेक्षा छोटी है जबकि पहली सबसे लम्बी है | बीच की तीन कहानियाँ भी 40-40 पृष्ठ के लगभग हैं | आकार बड़ा होने की बावजूद कथानक के दृष्टिकोण से ये कहानियाँ ही हैं, लघु उपन्यास जैसा कुछ नहीं | लेखिका ने पात्रों के चरित्र उदघाटन, सजीव वर्णन और अपने ज्ञान के आधार पर विषयों को विस्तार दिया है | विषय आधुनिक जीवन और विशेषकर उन जगहों से संबंधित हैं जहाँ लेखिका रह रही है या रहती रही है |

रविवार, मार्च 04, 2018

अंतिम पलों में दुविधा से जूझते भीष्म की कथा कहता उपन्यास

उपन्यास - बोलो गंगापुत्र 
लेखक - डॉ. पवन विजय 
प्रकाशक - रेड्ग्रेब 
पृष्ठ - 112 
कीमत - 99 /- ( पेपरबैक )
इतिहास हमेशा विजेताओं द्वारा लिखित होता है, इसलिए इतिहास में विजेताओं का यशोगान होना स्वाभाविक है | इतिहासकार और साहित्यकार का प्रमुख अंतर यही है कि साहित्यकार इतिहासकार की तरह हमेशा विजेताओं के पक्ष में खड़ा नहीं होता | साहित्य में प्राय: दबे-कुचले वर्गों, पात्रों का पक्ष लिया जाता है | डॉ. पवन विजय कृत उपन्यास " बोलो गंगापुत्र " महाभारत के युद्ध के बाद के दिनों में शरशैय्या पर पड़े भीष्म को युद्ध के विषय में मंथन करते और दुर्योधन के पक्ष में विचार करते हुए दिखाता है | इस उपन्यास में विजेता पक्ष पर ऊँगली उठाई गई |

मंगलवार, फ़रवरी 20, 2018

आस-पास मौजूद कहानियों का संग्रह

कहानी-संग्रह - ज़िन्दगी आइस-पाइस
कहानीकार - निखिल सचान
प्रकाशन - हिन्द युग्म
पृष्ठ - 144
कीमत - 100/ ( पेपरबैक )
आस-पड़ौस में मौजूद पात्रों और घट रही घटनाओं पर आधारित 9 कहानियों का संग्रह है " जिंदगी आइस पाइस " । इन कहानियों को बयां करने में लेखक ने अपनी पढ़ाई, अपने फिल्मी ज्ञान, धारावाहिकों के ज्ञान, क्रिकेट के ज्ञान आदि का भरपूर प्रयोग किया है । यदि कहा जाए कि लेखक ने कहानी कहने के लिए अपने ज्ञान को आधार बनाया है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी ।

बुधवार, फ़रवरी 14, 2018

जीवन में सकारात्मकता का संदेश देता संग्रह

पुस्तक - सकारात्मक अर्थपूर्ण सूक्तियाँ
लेखक - हीरो वाधवानी 
प्रकाशन - अयन प्रकाशन
पृष्ठ- 168 
कीमत - 300 /- ( सजिल्द ) 
ज़िन्दगी जीना एक कला है । रो-रो कर वक्त व्यतीत तो किया जा सकता है, ज़िन्दगी जी नहीं जा सकती । ज़िन्दगी को जीने के लिए सकारात्मक नजरिये का होना बेहद जरूरी है । सकारात्मक नजरिये को विकसित करने के दृष्टिकोण से हीरो वाधवानी की पुस्तक " सकारात्मक अर्थपूर्ण सूक्तियां " एक महत्त्वपूर्ण कृति है । इस कृति में लेखक ने ऐसी सूक्तियाँ रखी हैं जिनको पढ़कर व्यक्ति की जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है | 

रविवार, फ़रवरी 11, 2018

आज़ाद ख़्याली के जीवन दर्शन की बात करता यात्रा वृत्तांत { भाग - 3 }

पुस्तक – आज़ादी मेरा ब्रांड 
लेखिका - अनुराधा बेनीवाल 
प्रकाशन - सार्थक, राजकमल का उपक्रम
पृष्ठ - 204
मूल्य -  199 /-
*****
*****
यात्रा वृत्तांत मुख्य रूप से यात्रा के अनुभवों की अभिव्यक्ति ही होती है | अनुराधा यूरोप यात्रा के दौरान जिन देशों और शहरों में जाती हैं उनका न सिर्फ विस्तारपूर्वक वर्णन करती है, अपितु भारत के साथ, भारतीय संस्कृति के साथ तुलना करती है और अपने विचार भी रखती है, जिससे यह यात्रा वृत्तांत सिर्फ यात्रा वृत्तांत नहीं रह जाता अपितु लेखिका के जीवन दर्शन को ब्यान करता हुआ प्रतीत होता है | वैसे तो वह ख़ुद को लिव-इन की बड़ी सपोर्टर कहती है, लेकिन आज के प्यार को भी पसंद नहीं करती | पहले के प्यार की आज के प्यार से तुलना करते हुए वह लिखती है –
“ महीने में एक बार चिट्ठी लिखी, अपने दिल का हाल बताया और जरूरत की बात लिखी | ये थोड़े ही पूछते होंगे – बेबी डिनर में क्या खाया ?, बेबी, रात को अकेले मत जाना, बेबी, क्या पहना है ? फोटो भेजो |, इतना छोटा टॉप क्यों पहना है ! मैं नहीं हूँ तो किसे दिखाओगी ? और ये लो जी, अभी तो जान-पहचान हो ही रही थी कि हो गया ब्रेक-अप !”

बुधवार, जनवरी 31, 2018

अपने आप में एक अनूठा संग्रह

कविता-संग्रह - पाँच लघु काव्य-संग्रह एक साथ 
कवि - पाँच कविगण 
प्रकाशक - राज पब्लिशिंग हॉउस 
पृष्ठ - 118 
कीमत - 175 /- ( सजिल्द )
सांझे संकलन में एक संपादक होता है, जो अन्य रचनाकारों से रचनाएँ एकत्र कर प्रकाशन-संपादन का दायित्व निभाता है, लेकिन " पाँच लघु काव्य-संग्रह एक साथ " एक ऐसा साँझा संग्रह है, जिसमें कोई संपादक नहीं, हालांकि भूमिका के आधार पर कहा जा सकता है कि इसमें संपादक की भूमिका रूप देवगुण जी ने निभाई होगी | उन्होंने इस संग्रह को सांझा-संग्रह कहने की बजाए पाँच लघु काव्य-संग्रह कहा है | प्रत्येक संग्रह में 12 से 15 कविताएँ हैं | प्रत्येक कविता-संग्रह का अलग नाम है और सभी कवियों ने अपने संग्रह के लिए आत्मकथ्य लिखा है | कवियों को उनकी उम्र के हिसाब से क्रम दिया गया है |

बुधवार, जनवरी 24, 2018

सरल-सहज भाषा की प्रभावशाली लघुकविताएँ

लघुकविता-संग्रह - चाँदनी रात में उड़ते बगुले 
कवि - रूप देवगुण 
प्रकाशक - सुकीर्ति प्रकाशन, कैथल 
पृष्ठ - 80 
मूल्य - 250 /- ( सजिल्द )
आकार में क्षणिका से बड़ी और कविता से छोटी होती है लघुकविता  | लघुकविता साहित्य की नई विधा है और लघुकथा की तरह ही अपनी जगह बना रही है | प्रो. रूप देवगुण इस विधा के प्रमुख हस्ताक्षर हैं | उनकी सदी प्रकाशित कृति " चाँदनी रात में उड़ते बगुले " 120 लघुकविताओं का संग्रह है, जो 9 खंडों में विभक्त है |

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...