BE PROUD TO BE AN INDIAN

बुधवार, जनवरी 17, 2018

गृहस्थी के दायित्वों के साथ कवि-कर्म का नमूना

कविता-संग्रह - मेरे शब्द शिशु 
कवयित्री - ममता शर्मा ' मनस्वी '
प्रकाशक - तस्वीर प्रकाशन, मंडी कालांवाली 
पृष्ठ - 112 
कीमत - 150 /- ( सजिल्द )
भले ही पुरुष और स्त्री जीवन के दो पहिए हैं, लेकिन गृहस्थी का दायित्व स्त्री को ही अधिक निभाना होता है | उसे अपना जीवन भी जीना होता है और पति, बच्चों, सास-ससुर की जिम्मेदारियां भी उठानी होती हैं | इन जिम्मदारियों को निभाते हुए कोई स्त्री कैसे कवि कर्म को करती है और कैसे उसका दायित्व उसकी कविताओं में झलकता है, इसका नमूना है ममता शर्मा ' मनस्वी ' का कविता-संग्रह " मेरे शब्द शिशु " |

बुधवार, जनवरी 10, 2018

कहानियों में नारी पात्रों के महत्त्व को दिखाती पुस्तक

पुस्तक - रूप देवगुण के कहानियों में नारी के विभिन्न रूप 
लेखक - ज्ञानप्रकाश ' पीयूष '
प्रकाशन - सुकीर्ति प्रकाशन, कैथल 
पृष्ठ - 180 
कीमत - 450 /- ( सजिल्द )
प्रो. रूप देवगुण की समस्त कहानियों का अध्ययन करते हुए उनमें प्रमुख नारी पात्रों पर आधारित कहानियों का विश्लेषण करती पुस्तक है ' रूप देवगुण की कहानियों में नारी के विभिन्न रूप ' | इस संकलन में रूप देवगुण की 13 कहानियां हैं और सभी कहानियों के पूर्व ज्ञानप्रकाश ' पीयूष ' जी ने समीक्षात्मक आलेख दिया है | अंत में उपसंहार भी है |

बुधवार, जनवरी 03, 2018

जीवन दर्शन को ब्यान करने का सफल प्रयास

सूक्ति-संग्रह - सूक्तियाँ मेरा अनुभव संसार 
लेखक - निजात 
प्रकाशक - एस. एन. पब्लिकेशन, नई दिल्ली 
पृष्ठ - 168 
कीमत - 450 ( सजिल्द )
एक साहित्यकार अपने अनुभव के बल पर अपने साहित्य में अनेक ऐसी पंक्तियाँ लिखता है, जो अपने आप में पूरी रचना होती हैं और जीवन-दर्शन का निचोड़ होने के कारण वे मार्गदर्शक की भूमिका निभाती हैं, लेकिन ऐसी उक्तियों को साहित्य में ढूँढने के लिए पाठक के पास भी उच्चकोटि की समझ होनी चाहिए | ' निजात ' जी ने " सूक्तियाँ मेरा अनुभव संसार " में सीधे-सीधे सूक्तियाँ लिखकर पाठक का काम आसान कर दिया है | इस संग्रह में 2200 सूक्तियाँ हैं जो 27 विषयों में विभक्त हैं | निस्संदेह, यह लेखक के विशाल अनुभव का परिणाम है | उसने जीवन को जैसा देखा, जैसा समझा उसे सार रूप में कहा है ताकि आम पाठक उसे समझ सके, अपना सके |

सोमवार, दिसंबर 25, 2017

अच्छा जीवन जीने की सीख देता संग्रह

बाल कविता-संग्रह - बाल मन की किलकारी 
कवि - डॉ. मेजर शक्तिराज 
प्रकाशन - अमृत बुक्स, कैथल 
पृष्ठ - 88 
कीमत - 200 /- ( सजिल्द )
 बच्चों के पसंदीदा विषयों को लेकर उन्हें सिखाने, अच्छा इंसान बनाने का प्रयास करता संग्रह है ' बाल मन की किलकारी ' | इस संग्रह में आठ-आठ पंक्तियों की 75 कविताएँ हैं |

बुधवार, नवंबर 01, 2017

जीवन को करीब से देखती ग़ज़लें

ग़ज़ल-संग्रह – ये कभी सोचा न था
शायर – डॉ. रूप देवगुण
प्रकाशक – पूनम प्रकाशन, दिल्ली
पृष्ठ - 80
कीमत – 125 /- ( सजिल्द )
रूप देवगुण कविता, लघुकथा, कहानी के प्रमुख हस्ताक्षर हैं, लेकिन ग़ज़ल वे सामान्यत: नहीं लिखते लेकिन “ ये कभी सोचा न था ” ग़ज़ल के क्षेत्र में उनका प्रथम प्रयास है | वे स्वयं लिखते भी हैं -
लघुकथा, कविता, कहानी तो लिखी मैंने बहुत
पर ग़ज़ल भी कह सकूंगा ये कभी सोचा न था | (पृ. – 37 )
भले ही यह ग़ज़ल के क्षेत्र में उनका प्रथम प्रयास है लेकिन उन्होंने काफिया, रदीफ़ को बखूबी संभाला है | ग़ज़लों में गेयता भी है | भावों में नजाकत देखिए -
सीढ़ी से वो यूँ उतरी हौले-हौले
जैसे सीढ़ी को ही उतरते देखा है | (पृ. – 60 )

बुधवार, अक्टूबर 11, 2017

प्रेम, समाज और जीवन-दर्शन की बात करता ग़ज़ल-संग्रह

ग़ज़ल-संग्रह – कहो बात दिल की
शायर – रूप देवगुण
प्रकाशक – सुकीर्ति प्रकाशन, कैथल
पृष्ठ – 80
कीमत – 200 /- ( सजिल्द )
ग़ज़ल का हर शे’र आजाद होने के कारण शायर के पास अपनी बात कहने के मौके ज्यादा होते हैं | वह एक ही ग़ज़ल में विभिन्न पहलुओं को उठा पाने में सफल रहता है | रूप देवगुण का गजल संग्रह “ कहो बात दिल की ” भी इसी का उदाहरण है | शायर अपनी 70 गजलों के द्वारा प्रेम, समाज और जीवन-दर्शन की बात करता है |

बुधवार, अक्टूबर 04, 2017

श्रृंगार के विरह पक्ष को ब्यान करता संग्रह

कविता-संग्रह – सिर्फ तुम से ही
कवयित्री – विम्मी मल्होत्रा
प्रकाशन – समर पेपरबैक्स
पृष्ठ – 102
कीमत – 110 /- ( पेपर बैक )
प्यार और इन्तजार की बात करती कविताओं का गुलदस्ता है ‘ विम्मी मल्होत्रा ’ का प्रथम कविता-संग्रह “ सिर्फ तुम से ही ” | पुस्तक का शीर्षक ही विषय वस्तु को ब्यान करता है | इस संग्रह में इस शीर्षक की कोई कविता नहीं, लेकिन सभी कविताएँ जिस अज्ञात को समर्पित हैं, जिस प्रिय को कवयित्री ने अपनी रचनाओं का आधार बनाया है, उसी को शीर्षक के माध्यम से दर्शाया है | हालांकि प्यार से इतर विषयों पर भी कवयित्री ने कलम चलाई है, लेकिन इस संग्रह का मुख्य स्वर प्यार ही है |

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