कविता-संग्रह - मेरे शब्द शिशु
कवयित्री - ममता शर्मा ' मनस्वी '
प्रकाशक - तस्वीर प्रकाशन, मंडी कालांवाली
पृष्ठ - 112
कीमत - 150 /- ( सजिल्द )
भले ही पुरुष और स्त्री जीवन के दो पहिए हैं, लेकिन गृहस्थी का दायित्व स्त्री को ही अधिक निभाना होता है | उसे अपना जीवन भी जीना होता है और पति, बच्चों, सास-ससुर की जिम्मेदारियां भी उठानी होती हैं | इन जिम्मदारियों को निभाते हुए कोई स्त्री कैसे कवि कर्म को करती है और कैसे उसका दायित्व उसकी कविताओं में झलकता है, इसका नमूना है ममता शर्मा ' मनस्वी ' का कविता-संग्रह " मेरे शब्द शिशु " |






