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बुधवार, सितंबर 20, 2017

भक्ति और नैतिक मूल्यों की बात करता कविता-संग्रह

कविता-संग्रह – अर्चना के उजाले
कवि – ज्ञानप्रकाश ‘ पीयूष ’
प्रकाशक – सुकीर्ति प्रकाशन, कैथल
पृष्ठ – 160
कीमत – 400 /- ( सजिल्द )
जीवन कैसा है, कैसा होना चाहिए और आदर्श जीवन के लिए कैसी जीवन शैली अपनाई जाए, इसका चिन्तन बुद्धिजीवी वर्ग करता ही है | इसी प्रकार का चिन्तन झलकता है ‘ ज्ञानप्रकाश पीयूष ’ जी के प्रथम कविता-संग्रह “ अर्चना के उजाले ” में | उन्होंने इस संग्रह में जीवन के विभिन्न पक्षों को छूने के साथ-साथ वीर जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की है, भारत रत्न अब्दुल कलाम, शहीद हनुमंथप्पा और कर्त्तव्यनिष्ठ दानामांझी के चरित्र को दिखाती कविताएँ भी लिखी हैं | वे राष्ट्रीय युवा दिवस को याद करते हुए विवेकानन्द को याद करते हैं तो कलम के सिपाही प्रेमचन्द को भी शब्द-गुच्छ भेंट करते हैं, लेकिन उनकी कविताओं का मुख्य स्वर भक्ति भावना और नैतिक मूल्यों का समर्थन ही है |

बुधवार, सितंबर 13, 2017

बाल मनोविज्ञान की गहरी समझ को दिखाता कहानी-संग्रह

बाल कहानी-संग्रह – बचपन के आईने से
कहानीकार – डॉ. शील कौशिक
प्रकाशक – अमृत बुक्स, कैथल
पृष्ठ – 88
कीमत – 250/- ( सजिल्द )
बाल साहित्य लिखते समय लेखक के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है कि वह अपने स्तर को बच्चों के स्तर तक लेकर जाए, तभी वह बच्चों के प्रिय विषयों को चुन सकता है और विषयों को उस तरीके से निभा पाता है कि बच्चे उसे सहजता से आत्मसात कर सकें | डॉ. शील कौशिक के बाल कहानी-संग्रह “ बचपन के आईने से ” को पढ़ते हुए कहा जा सकता है कि लेखिका इस चुनौती की कसौटी पर खरी उतरी है | इस बाल कहानी-संग्रह में 18 कहानियां हैं | पुस्तक का शीर्षक किसी कहानी पर आधारित नहीं अपितु यह उनकी समग्रता पर आधारित है | लेखिका ने जीवन को बचपन के आईने से देखने का सफल प्रयास किया है |

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