BE PROUD TO BE AN INDIAN

मंगलवार, अगस्त 15, 2017

पाठक को चिन्तन के लिए विवश करती कृति

पुस्तक – दशा और दिशा 
लेखक – माड़भूमि रंगराज अयंगर 
प्रकाशक – ऑनलाइन गाथा 
कीमत – 150 /-
पृष्ठ – 140 
संस्कृत में गद्य काव्य और पद्य काव्य के अतिरिक्त चंपू काव्य होता है, लेकिन हिंदी में गद्य-पद्य को साथ-साथ लिखने का चलन कम ही है | माड़भूमि रंगराज अयंगर ने इस दिशा में प्रयोग किया है | उनकी प्रथम पुस्तक “ दशा और दिशा ” में 33 रचनाएँ हैं, जिनमें 11 गद्य और 22 पद्य हैं | गद्य रचनाओं में 7 लेख और 4 कथात्मक रचनाएं हैं | 

मंगलवार, अगस्त 08, 2017

जीवन का हर सुर सुनाता संग्रह ‘ मन सरगम ’

हाइकु-संग्रह – मन सरगम 
कवयित्री – डॉ. आरती बंसल
प्रकाशक – एजुकेशनल बुक सर्विस 
कीमत – 150 /-
पृष्ठ – 112 ( पेपर बैक )
कवि कर्म का मुख्य उद्देश्य होता है अभिव्यक्ति और जिस विधा में यह सही ढंग से हो सके कवि उसी को चुनता है | हाइकु एक विदेशी विधा है, लेकिन हिंदी में दिन-प्रतिदिन लोकप्रिय हो रही है | कवयित्री आरती बंसल ने भी इसी विधा को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया है और मन-मस्तिष्क में उठती लहरों से निकले 456 हाइकु रूपी मोतियों की मंजूषा तैयार की है “ मन सरगम ” नाम से | इस हाइकु-संग्रह को उन्होंने 56 विषयों में विभक्त किया है |

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