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शनिवार, अप्रैल 07, 2012

डॉ. रूप देवगुण का समीक्षात्मक ग्रंथ- हरियाणी के इक्कीस काव्य-संग्रह

कविता , ग़ज़ल ,  कहानी , लघुकथा , समीक्षा और संपादन संबंधी 30 पुस्तकों के रचयिता हरियाणा के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रूप देवगुण जी , सेवानिवृत स्नातकोतर विभागाध्यक्ष ( हिंदी ) , राजकीय नैशनल महाविद्यालय सिरसा , ने हरियाणा के कवियों द्वारा रचित 21 काव्यों की समीक्षा अपने समीक्षा ग्रन्थ " हरियाणा के इक्कीस काव्य संग्रह " में की है । इस ग्रन्थ में शामिल पुस्तकें हैं -----
1.   मेरे पास आकाश नहीं है  - किरन मल्होत्रा
2.   रेत पर बने पदचिन्ह       - मीनाक्षी आहूजा 
3.   निर्णय के क्षण                - दिलबाग विर्क 

4.   मेरे मन की आकाशगंगा  - डॉ. मंजू दलाल 
5.   दिल के मौसम                - मीनाक्षी जिजीविषा 
6.   उमड़ा सागर प्रेम का        - डॉ. प्रद्युम्न भल्ला  
7.   किसी और के लिए          - प्रेमकुमार शर्मा 
8.   उड़ना है मुझे पंखों से       - उर्मिल मोंगा 
9.   कतरे में समन्दर             - गुलशन मदान 
10. मेरे भीतर का मौन           - सुरेन्द्रकुमार अंशुल
11. दूर होते हम                     - डॉ. शील कौशिक 
12. प्रथम प्रपात                     - ओमप्रकाश चौहान 
13. शक्ति सतसई                    - डॉ. मेजर शक्तिराज 
14. मेरी प्रिय कविताएँ            - डॉ. सुभाष रस्तोगी 
15. निम्मो अनुतीर्ण क्यों        - मधुकांत 
16. सहमा हुआ समय             - कमलेश शर्मा 
17. लडकियाँ छूना चाहती हैं आसमान-डॉ.अशोक लव 
18. आँधियों के खिलाफ           - रामकुमार आत्रेय 
19. शहर, जंगल और कुहासा    - प्रो. रमेश सिद्धार्थ 
20. नई राहें                             - डॉ. दर्शन सिंह  
21. दर्द की परछाइयां               - चन्दनबाला जैन 
पुस्तक के बारे में लेखक के विचार ------
                      " हरियाणा का लघुकथा संसार " व " हरियाणा की प्रतिनिधि लघुकथाएं " के संपादन के पश्चात हरियाणा के साहित्य को लेकर मैंने " हरियाणा के इक्कीस काव्य-संग्रह - समीक्षात्मक अध्ययन " पुस्तक प्रस्तुत करने की चेष्टा की है । इसमें हरियाणा के सभी प्रमुख कवि नहीं हैं । कुछ अत्यंत प्रसिद्ध हैं, कुछ मध्यम दर्जे के हैं तो कुछ नवोदित हैं । इस समीक्षात्मक पुस्तक में मुक्त छंद के रचनाकार हैं , गजलों के प्रणयन कर्त्ता हैं तथा दोहा व टप्पा विधाओं के कवि भी हैं ।
             कोई विशेष आधार पर मैंने कवियों /   कवयित्रियों का चयन नहीं किया है । इस पुस्तक में मैंने हरियाणा के रचनाकारों द्वारा रचित इक्कीस काव्य-संग्रहों की समीक्षा लिखी है , फिर उन संग्रहों में से कुछ चयनित रचनाएं लेकर उन पर समीक्षात्मक टिप्पणियाँ दी हैं । आखिर में ' कुल मिलाकर ' शीर्षक के अंतर्गत मैंने इन सब रचनाकारों के काव्य की प्रमुख विशेषताओं को बतलाते हुए इनकी हिंदी साहित्य को दी गई विशेष दें पर अपने विचार प्रकट किए हैं । सभी इक्कीस रचनाकारों ने मुझे रचनात्मक सहयोग देकर अभिभूत किया है । क्रम जन्म-तिथि के अनुसार बनाया है ।
              मुझे विशवास है , मेरा यह प्रयास आपको पसंद आएगा । आगर आप इस कृति पर अपने बहुमूल्य विचारों से मुझे अवगत करवाएंगे, तो बहुत अच्छा लगेगा ।
                                          डॉ. रूप देवगुण 


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4 टिप्‍पणियां:

Sushil Kumar Joshi ने कहा…

साधुवाद !!

संजय भास्कर ने कहा…

काव्य-संग्रह से रूबरू कराने और उसका सारांश देने के लिए आभार.

Rajesh Kumari ने कहा…

इतने सारे काव्यों की एक साथ समीक्षा डाक्टर रूप देव गुण द्वारा सरह्निये कार्य है विर्क जी आपकी पुस्तक निर्णय के क्षण भी इसमें शामिल है उसके लिए आपको हार्दिक बधाई डाक्टर देव गुण जी को भी कोटिश बधाई|

Kunwar Kusumesh ने कहा…

अच्छा लगा.

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